जैन विश्व भारती संस्थान में ‘याद करो कुर्बानी’ कार्यक्रम आयोजित

शहीदों की शहादत अमूल्य: प्रो. त्रिपाठी

लाडनूं, 23 अगस्त। भारत की आजादी के लम्बे संघर्ष में अनेक वीर शहीदों की शहादत की गौरवगाथा समाहित है। मातृभूमि के सच्चे सपूतों की बदौलत ही आजादी का स्वर्णिम सूर्य उदय हुआ है। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के अन्तर्गत कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ की अध्यक्षता में आयोजित ‘याद करो कुर्बानी’ कार्यक्रम में प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अगस्त माह में 15 दिवसीय पखवाड़ा आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से उच्च शिक्षा से जुड़े सभी विद्यार्थी, शोधार्थी एवं संकाय सदस्यों को राष्ट्रीयता, देश प्रेम एवं नागरिकता के उदात्त मूल्यों हेतु प्रेरित किया जा सके। स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ को आजादी-70 के रूप में मनाने का प्रमुख उद्देश्य भारत के उन शहीदों, राष्ट्रभक्तों एवं आजादी के सैनिकों की यशोगाथाओं को जीवन्त करना था, जिन्होंने स्वतंत्रता की बलिवेदी पर हंसते-हंसते अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। प्रो. त्रिपाठी ने शहीद-ए-आजम भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपतराय, महात्मा गांधी आदि स्वतंत्रता सेनानियों के मार्मिक संस्मरणों द्वारा सभी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त सदस्यों एवं विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक राष्ट्रगान का संगान किया गया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिनमें रिया जैन एवं सुरेश कंवर की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों द्वारा वृक्षारोेपण कर पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. गिरिराज भोजक ने किया।

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