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जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में अन्तर्विद्यालयी स्वरचित कविता-कहानी प्रतियोगिता का आयोजित

बचपन से सीखें निष्कपटता, सरलता व सादगीपन- डाॅ. शांता

लाडनूँ, 20 फरवरी 2019। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय में संचालित आचार्य महाश्रमण क्लब के तत्वावधान में बुधवार को महाप्रज्ञ-महाश्रमण ऑडिटोरियम में अन्तर्विद्यालयी स्वरचित कविता-कहानी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लाडनूँ व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक अध्ययन करने वाले 28 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया तथा ‘‘बचपन’’ शीर्षक पर अपनी लिखित कवितायें व कहानियां प्रस्तुत की। प्रतियेागिता की विशेषता यह रही कि इस प्रतियेागिता के कार्यक्रम के आयोजन से लेकर संचालन, निर्णायक एवं अतिथिगण सभी छात्रायें स्वयं थी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कंचन स्वामी ने बताया कि आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय में छात्राओं में नृत्य, लेखनकला, वक्तृत्व कला, ध्यान व योग, घुड़सवारी आदि अलग-अलग हुनर सिखाने एवं रूचि के अनुसार उनमें पारंगत करने के लिये विभिन्न क्लब स्थापित हैं, जिनका संचालन विभिन्न आचार्यों के प्रभार एवं निर्देशन में स्वयं छात्रायें करती है।

छात्राओं के लिये गर्व की बात

कार्यक्रम की अध्यक्ष सुमन प्रजापत ने अपने सम्बोधन में बताया कि यह छात्राओं के लिये गर्व की बात है कि वे इतने बड़े आयोजन की योजना बनाकर अपने स्तर पर विश्वविद्यालय के सहयोग से स्वयं क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने एक कविता भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि छात्रा नफीसा बानो, स्नेहा पारीक, मनोज दुसाद व मुस्कान बानो ने गरिमा पूर्ण प्रस्तुति के लिये अपनी साथी छात्राओं की मेहनत को सराहा तथा आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय की विशेषताओं एवं छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिये किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़, कुलसचिव रमेश कुमार मेहता, डाॅ. वीणा जैन, तेरापंथ महिला मंडल की पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षण एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। इनका स्वागत चेतना राजपुरोहित, दिव्यता कोठारी, निकिता स्वामी, मुस्कान, सरिता राहड़, रंजना घिंटाला, नफीसा बानो, प्रियंका सोनी आदि ने किया।

ये रहे विजेता

अन्तर्महाविद्यालयी स्वरचित कविता-कहानी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सुजानगढ के ओसवाल सीनियर सैकेंडरी स्कूल का सचिन गुर्जर रहा। द्वितीय स्थान पर केे.के. सीनियर सैंकेंडरी स्कूल की सदिया बानू एवं तृतीय स्थान पर आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय की अभिलाषा स्वामी रहे। सांत्वना पुरस्कार के रूप में मौलाना आजाद सीनियर सैकेंडरी स्कूल की शहनाज बानो एवं सुजानगढ की बाल भारती उच्च माध्यमिक विद्यालय चंचल प्रजापत का चयन किया गया। इनके अलावा प्रतियोगिता के अलावा मात्र पांचवीं कक्षा की छात्रा आकांक्षा को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति देने पर पुरस्कार प्रदान किया गया।

उच्चारण, भाव व शैली पर ध्यान दें

प्रतियोगिता की समीक्षक परवीना भाटी ने पढाई के साथ सर्वांगीण विकास एवं प्रतिभा विकास के लिये प्रतियेागिता के इस प्रयोग की सराहना की। समीक्षक डाॅ. शांता जैन ने बच्चों में सीखने की ललक और परिपक्वता की पकड़ के बारे में बताया। उन्होंने प्रस्तुतिकरण में उच्चारण एवं भाव व शैली के बारे में बताया। उन्होंने बचपन से सीखने की आवश्यकता बताई तथा कहा कि निष्कपटता, झूठ से दूर रहने, सरलता व सादगीपन से प्रेरणा लेनी चाहिये। प्राचार्य प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि जिस उद्देश्य से ये क्लब प्रारम्भ किये गये थे, उनमें उन्हें इस कार्यक्रम से उद्देश्य पूरे होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का लक्ष्य जीतना व सीखना, न कि हारना रखा। सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं नृत्य के साथ सरस्वती वंदना से से कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। छात्रा सोनम कंवर ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। आशा स्वामी ने महाश्रमण क्लब का परिचय प्रस्तुत किया। क्लब के प्रभारी अभिषेक चारण ने प्रतियोगिता का विवरण प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में छात्राओं सरिता शर्मा, सुरैया बानो व सृष्टि बागड़ा ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन छात्राओं दक्षता कोठारी व मेहनाज बानो ने किया।

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