Silver Jubilee Year Celebration at Chennai

नैतिक मूल्यों के प्रसार में अग्रणी है संस्थान-चौधरी

चैन्नई। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह के चैन्नई चरण का आयोजन कामराज हॉल में रखा गया। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के राजस्व एवं देवस्थान राज्य मंत्री अमराराम ने कहा कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए जैन विश्चभारती संस्थान विशिष्ट कार्य कर रहा है। उन्होनें तेरापंथ धर्मसंघ के साथ जुडाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान हिन्दुस्तान में अग्रणी विश्वविद्यालय है जो अन्य शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा का खूब प्रचार-प्रसार कर रहा है। यह लोगों को जीवन जीने की कला में पारंगत कर रहा है। सैकडों विद्यार्थियों वाले इस विश्वविद्यालय से प्रतिदिन लोगों का जुडाव बढ रहा है। तेरापंथ के अलावा अन्य समाज के लोग भी इसके साथ जुडे रहे है। उन्होनें उपस्थित प्रवासी समाज का निजी और राजस्थान सरकार की तरफ से आभार व्यक्त किया। चौधरी ने विश्वास दिलाया कि विभागीय स्तर पर वे हरसंभव मदद के लिए तैयार है।

समारोह की मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा ने कहा कि हमारा मकसद शिक्षा का व्यापारीकरण नहीं है। हम नागरिकों और शिक्षा की गुणवत्ता पर विश्वास करते हैं। इसी वजह से संस्थान को यूजीसी से भी प्रशस्ति मिली है। उन्होने बताया कि यह जैनों का प्रथम विश्वविद्यालय है जो इसके द्वारा स्थापित मूल्यों व सिद्वांतो पर पिछले चौबिस सालो से कार्य कर रहा है। मानवीय व नैतिक मूल्यों पर जोर देते हुए समणी चारित्रप्रज्ञा ने कहा कि मूल्यों के विकास की शुरूआत अपने आप से होनी चाहिए। उन्होनें कहा कि मूल्यों के विकास से ही मूल्यवान समाज व समुदाय का निर्माण किया जा सकता है।

विधायकों ने कहा-समारोह के विशेष अतिथि लाडनूं विधायक मनोहरसिंह ने कहा कि तेरापंथ और इस संस्थान का लाडनूं के विकास में अमूल्य योगदान रहा है। मनोहरसिंह ने चैन्नई में बसे लाडनूं मूल के लोगों को वर्ष में एक बार एक सप्ताह के लिए गृह क्षेत्र आने का आह्वान किया। विशेष अतिथि मारवाड जंक्शन के विधायक केसाराम चौधरी ने संस्थान के प्रयासों व कार्यो की तारीफ की और कहा कि वह आने वाले दिनों में अपने उद़दश्यों में कामयाब होकर विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में पहचान को व्यापक रूप देगा।

स्मारिका का विमोचन-समारोह में चैन्नई के विभिन्न समाज व संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ संस्थान की कल, आज और कल को प्रतिबिम्बित करने वाली स्मारिका अक्षर युग और गृह पत्रिका कामधेनु का विमोचन हुआ। समणीवृन्द के मंगलसंगान से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। समणी नियोजिका ऋजुप्रज्ञा ने समारोह में सान्निध्य देते हुए आर्शीवचन दिया। स्वागत भाषण जैन विश्वभारती के मुख्य न्यासी प्यारेलाल पितलिया ने दिया। समारोह में संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा योग का प्रदर्शन किया गया वहीं कलाकारों द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत की गई। अतिथियों का स्वागत जैन विश्वभारती के अध्यक्ष एवं रजत जयंती समारोह के मुख्य संयोजक धरमचन्द लूंकड, संयोजक पुखराज बडौला आदि द्वारा किया किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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