Silver Jubilee Year Celebration at Jaipur

पुरूषार्थ के बल पर ही खुशियां संभव-चेतन भगत

जयपुर। जैन विश्व भारती संस्थान के रजत जयंती वर्ष के जयपुर चरण का वृहत समारोह जयपुर के बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में 24 जुलाई को आयोजित किया गया। संभागियों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम मे एजुकेशन, एथिक्स एण्ड एक्सीलेंस पर बोलते हुए समारोह के प्रमुख वक्ता प्रख्यात लेखक एवं उपन्यासकार चेतन भगत ने कहा कि हम जीवन में खुशियां ढूंढ़ते हैं, परन्तु इस दिशा में पुरूषार्थ नहीं करते। कर्म एवं पुरूषार्थ के बल पर ही व्यक्ति जीवन में खुशियां प्राप्त कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जैन विश्व भारती संस्थान रजत जयंती पर संस्थान के 25 वर्षों के इतिहास 'अक्षर युग' का आज विमोचन हुआ है। यह हर्ष की बात है। संस्थान की कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा ने संस्थान के 25 वर्षों की उपलब्धियों की अवगति देते हुए कहा कि मानवीय मूल्यों को समर्पित यह विश्वविद्यालय आज अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। आज देश-विदेश के विद्यार्थी यहां अध्ययन हेतु आ रहे हैं। मूल्यों एवं संस्कारों से युक्त मानव के निर्माण जैसा महत्वपूर्ण कार्य यहां शिक्षा के माध्यम से किया जा रहा है, जिसकी आज मानव समाज को सबसे अधिक आवश्यकता है।

इस अवसर पर संस्थान के 25 वर्षों का इतिहास 'अक्षर युग' का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। विमोचन के अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने मंच साझा किया। समारोह में जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा एवं मेयर निर्मल नाहटा का सम्मान प्रख्यात लेखक चेतन भगत द्वारा किया गया। प्रारंभ में समाजसेवी नरेश मेहता ने स्वागत वकतव्य दिया। समारोह में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारीगण के साथ ही जयपुर के गणमान्य व्यक्ति एवं जैन विश्व भारती संस्थान के विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी सभी ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। जैन विश्व भारती के अध्यक्ष धर्मचन्द लूंकड़ के संयोजकत्व में कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय संस्थाओं के साथ ही जैन विश्व भारती के संयुक्त मंत्री गौरव मांडोत का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन पन्नालाल पुगलिया ने किया।

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