Three Days International Conference on Science & Jain Philosophy

विज्ञान और जैन दर्शन पर त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन

मुम्बई।भगवान महावीर अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय द्वारा 8-10 जनवरी को आईआईटी मुंबई में विज्ञान एवं जैन दर्शन पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय एवं आईआईटी मुंबई विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश विदेश के जैन-अजैन विद्वानों ने सहभागिता की। आई आई टी मुंबई के वीएमसीसी सभागार में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवद्र्वन ने कहा कि जैन धर्म सबसे पुराना हिंदू दर्शन है, जिसमें संपूर्ण मानवता के लिए सत्य व अहिंसा का संदेश दिया गया है। आज के समय इसकी सबसे बडी आवश्यकता है। विज्ञान और अध्यात्म के साथ समन्वय के जरिये समाज को नई दिशा दी जा सकती है। इसके माध्यम से सामाजिक समरसता कायम कर देश को सफलता के मार्ग पर ले जाया जा सकता है।

इंटरनेशलन कोर्ट ऑफ जस्टिस नीदरलैण्ड के जज और सम्मेलन के मुख्य अतिथि दलवीर सिंह भंडारी ने कहा की अध्यात्म और विज्ञान के मेल से हम दुनियां को ऐसी दिशा में आगे बढा सकते है, जहां हिंसा का नामोनिशान नहीं होगा। सम्मेलन में प्रो मुनि श्री महेन्द्रकुमार जी ने कहा कि यह एक अद्वितीय पहल है। इस त्रिदिवसीय सम्मेलन में भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकि मंत्री डॉ हर्षवद्र्वन, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिश आदर्श गोयल, राजस्थान उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधिश जसराज चौपडा, बिजनेस वल्र्ड पत्रिका के ग्रुप चैयरमैन अनुराग बत्रा, एनम सिक्युरिटीज के चैयरमैन वल्लभ भंसाली, दलाई लामा फाउंडेशन के सेक्रेटरी राजीव मेहरोत्रा सहित देश के 25 से अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपति व निदेशक उपस्थित थे। इस अवसर पर ऑक्सफोर्ड ओक्लाहोमा, रोटर डैम, मुनिच, नार्थ कैरोलिना,गुआम आदि विश्वविद्यालय एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र, टाटा इंस्टीट्युट ऑफ फंडामेंटल सहित अनेक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बसंतराज भण्डारी, कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा, आईसीएसजेपी के अध्यक्ष डॉ केपी मिश्रा, आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर डी पार्थपारथी, पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय (यूएसई) के डॉ जेफ्री डी लॉग, क्योटो परफेक्चुअल विश्वविद्यालय (जापान)के प्रोफेसर काजूयुकी अकासाका, फाउण्डेशन फॉर यूनिवर्सल रिस्पॉन्सिबिलिटी ऑफ हिज हॉलिनेस द दलाई लामा, नई दिल्ली के राजीव मेहरोत्रा और बीएमआईआरसी की कार्यकारी निदेशक डॉ समणी चैतन्यप्रज्ञा सहित बडी संख्या में वैज्ञानिक और विद्धान उपस्थित थे।

बीएमआईआरसी की कार्यकारी निदेशक डॉ समणी चैतन्यप्रज्ञा ने बताया कि सम्मेलन में सौ से अधिक विद्वानों में पत्र वाचन किया। सम्मेलन में देश विदेश के 650 संभागियों का पंजीयन हुआ। ज्ञात रहे सम्मेलन की तैयारियां मुनि महेन्द्रकुमार जी के सान्निध्य में संतो एवं समणी चैतन्यप्रज्ञा जी के निर्देशन में विगत 6-7 माह से तैयारियां चल रही थी।

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