26th Foundation Day Celebration

जैविभा विश्वविद्यालय का 26 वां स्थापना दिवस एवं रजत जयंती समापन समारोह

आध्यात्मिक वैज्ञानिक निर्माण की शिक्षा वर्तमान युग की आवश्यकता - एच आर कुडी

लाडनूं 20 मार्च। जैन विश्चभारती संस्थान (मान्य-विश्वविद्यालय) का 26 वां स्थापना दिवस समारोह एवं रजत जयंती वर्ष समारोह का समापन समारोह सुधर्मा सभा में रविवार को जैन मुनि विमलकुमार, जगदगुरू डॉ स्वामी राघवाचार्य महाराज व ख्वाजा दरगाह कमेठी के अध्यक्ष असरार अहमद खान के सान्निध्य में समारोह पूर्वक मनाया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में हिंसा एवं अमानवीयता बढी है जो देश की अस्मिता के लिए खतरा है। उन्होनें कहा कि आज शिक्षा मन्दिरों में जिस प्रकार से गंदी राजनीति हावी हो रही है उससे देश का वातावरण कंलकित होता है ऐसे में जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय द्वारा दी जाये मूल्यपरक शिक्षा ही देश व समाज का सच्ची राह बताने में सक्षम है। शर्मा ने कहा कि जिस देश में भारत माता की जय बोलने को मुद़दा बनाया जाता है, यह देश के साथ अन्याय है। भारत देश को सांस्कृतिक गौरव का देश बताते हुए राष्ट्रीय सम्मान के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए देश के प्रति सम्मान रखने का भाव प्रत्येक नागरिक में होना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मानवाधिकार आयोग राजस्थान सरकार के अध्यक्ष एच आर कुडी ने समारोह का संबोधित करते हुए कहा जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय अपनी शिक्षा एवं अन्य गतिविधियों के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। यहां दी जा रही शिक्षा देश में एक श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का कार्य कर रही है। कुडी ने जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय की शिक्षा को यूनिक बताते हुए आध्यात्मिक वैज्ञानिक निर्माण की शिक्षा को वर्तमान युग की आवश्यकता बताया। उन्होनें कि शिक्षा के साथ साथ व्यक्ति का व्यवहार ही ज्ञान का परिचायक है। पुरूषार्थ, प्रेम, समर्पण को शिक्षा का आधार बताते हुए उन्होनें महिला शक्ति के लिए शिक्षा और संस्कारों के साथ किये गये प्रयास को संस्कृति विकास का आधार बताया।

जगद्गुरू डॅा स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि नव निर्माण के चिंतन में रचनात्मकता और कल्पना का होना बेहद जरूरी है। सही मायने में कल्पनाशीलता के साथ रचनाधर्मी होना ही प्रगतिशील व्यक्तित्व की पहचान है। भारत की महिलाओं को विश्व के लिए आदर्श बताते हुए उन्होनें कहा कि भारतीय संस्कृति एवं संस्कार का विश्व में कोई सानी नहीं है। उन्होनें जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में संस्कारों के साथ शिक्षा के प्रति किये जा रहे कार्यो को अनूठा एवं अनुकरणीय बताया।

जैन तेरापंथ धर्मसंघ के संत मुनि विमलकुमार ने जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के इतिहास का अवलोकन करते हुए संस्थान के द्वारा किये जा रहे प्रयासों को मानव हितकारी बताया। ख्वाजा दरगाह कमेठी के अध्यक्ष असरार अहमद खान ने कहा कि जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय आचार्य तुलसी के सपनों का साकार रूप है। उन्होनें कहा कि यह विश्वविद्यालय सौहार्द की शिक्षा के लिए देश के समर्पित नागरिक तैयार कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा ने कहा कि रजत जयंती समारोह के दौरान पूरे वर्ष भर विश्वविद्यालय द्वारा देश एवं विदेशों में विशिष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य किये गये। उन्होनें कहा कि यह विश्वविद्यालय देश को अच्छा नागरिक प्रदान करने को समर्पित है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों को रेखांकित करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यो पर प्रकाश डाला।

इससे पूर्व कुलसचिव प्रो अनिलधर ने विश्वविद्यालय के प्रगति विवरण को प्रस्तुत करते हुए गतिविधियों पर प्रकाश डाला। स्वागत वक्तव्य प्रो आनन्दप्रकाश त्रिपाठी ने दिया वहीं डॉ जुगलकिशोर दाधीच ने अतिथियों का परिचय दिया। समणी प्रणवप्रज्ञा द्वारा प्रस्तुत मंगलसंगान से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। संयोजन डॉ विवेक माहेश्वरी ने आभार प्रो बीएल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर साध्वी उज्जवल प्रभा, उम्मेद खां, डॉ धर्मचन्द लूंकड, रमेश बोहरा, भागचन्द बरडिया, प्रमोद बैद, अरविन्द गोठी, प्रो बीआर दुगड, प्रो आरबीएस वर्मा, हनुमानमल जागीड, रमेशसिंह राठौड सहित अनेक लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के योगा विभाग में स्थापित राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के प्राजेक्ट का उद्घाटन राजस्थान लोक सेवा आयोग के चैयरमैन एच आर कुडी ने किया।

आचार्य श्री महाश्रमण के विडियो संदेश का प्रसारण- रजत जयंती समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण के विडियो संदेश का प्रसारण किया गया। आचार्य महाश्रमण ने विश्वविद्यालय के प्रति शुभाषंसा व्यक्त करते हुए संस्थान के भावी विकास की कामना की।

सम्मान पुरस्कार- इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा वरिष्ठ विद्या निधि सम्मान से प्रो आनन्द प्रकाश त्रिपाठी, कनिष्ठ विद्या निधि सम्मान से डॉ प्रद्य ुमनसिंह शेखावत व पूजा जैन व आदर्श कर्मचारी सम्मान मोहन सियोल, पवन सेन, संदीप शर्मा, रमेशदान चारण, हिंमाशु खिडिया, हनुमान चौधरी, तीर्था घाले, हीरालाल देवासी, बाबूलाल धोबी, बहादुर सिंह, श्रवण कुमार, बजरंगलाल को सम्मानित किया गया। आदर्श विद्यार्थी के रूप में दिनेश कुमार, सुनिता कुमारी, खुशबू योगी व अदिति कंवर का सम्मान किया गया वहीं अनेक विद्यार्थियों को विविध गतिविधियों के लिए अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ प्रद्युम्रसिंह शेखावत ने किया।

रैली का हुआ भव्य आयोजन- स्थानीय सुख आश्रम से सुबह विशाल रैली का आयोजन किया गया। रैली को कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा व कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ धर्मचन्द लूंकड की उपस्थिति में नगरपालिकाध्यक्ष श्रीमती संगीता पारीक, सीआई नागरमल कुमावत ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली का संयोजन डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल ने किया। रैली में लाडनूं नगर के विविध विद्यालयों के एक हजार से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रमुख लोगों ने भाग लिया। रैली में नशामुक्ति, सदभाव, पॉलिथिन हटाओं, जन स्वावलम्बन सहित भारत माता की जयकारों से आसमान गुजांयमान हो गया।

भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन- सांयकालिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सुधर्मा सभा में किया गया। अंकिता एवं समूह द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। बिमला कुमारी एवं समूह द्वारा नशामुक्ति विषय पर नाटक का मंचन किया गया जिसे सभी ने खूब सराहा। विविध राज्यों की संस्कृति पर आधारित सदभावना कार्यक्रम ने मनोरंजन किया। कीर्ति एवं छात्राओं ने सामूहिक गीत, माईम यातायात थीम पर रखी। सुमन महला ने देश भक्ति कविता प्रस्तुत की। तृप्ति दाधीच व छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। समणीवृन्द व मुमुक्षु बहनों द्वारा अदालत नाटक का मंचन किया गया। गौरव ने फैशन शॉ, ज्योति राजपुरोहित ने कव्वाली प्रस्तुत की। प्ररेणा ने एकल नृत्य प्रस्तुत कर सबको झूमने पर मजबूर किया। प्रिंस ने सूफी गीत, दिलीप व सहयोगियों ने दहेज से जुडी माईम प्रस्तुत कि। राहत अली ने एकल गीत, गुंजन चौधरी ने होली नृत्य प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं द्वारा अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के योगा विभाग के विद्यार्थियों द्वारा योगा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा ने की। इस अवसर पर जैन विश्वभारती के अध्यक्ष एवं रजत जयंती समारोह के संयोजक डा धर्मचन्द लूंकड़ व उनकी टीम का अभिनंदन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो अनिलधर ने किया। कार्यक्रम का संयोजन जानकी प्रजापत व साकेत जैन ने किया। आभार ज्ञापन डॉ अमिता जैन ने व्यक्त किया।

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