कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा का मंगलभावना व नव नियुक्त कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड का स्वागत समारोह आयोजित

लाडनूं, 20 अप्रेल। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के एसडी घोडावत ऑडिटोरियम में बुधवार को मंगलभावना समारोह का आयोजन समारोह पूर्वक समणी नियोजिका प्रो. ऋजुप्रज्ञा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। समारोह में जैन विश्वभारती के अध्यक्ष डॉ. धर्मचन्द लूंकड ने नवनियुक्त कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड का शॉल एवं कुलसचिव प्रो. अनिलधर ने बुके भेंट कर स्वागत किया। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्रो. समणी ऋजुप्रज्ञा ने कहा कि कुलपति का पद जिम्मेदारी का पद है, इस पद पर रहकर सबको साथ लेकर कुशलता से कार्य किया जा सकता है। उन्होने कहा कि विश्वास शब्द बहुत छोटा होता है मगर इसको साबित करने में पूरी जिन्दगी लग जाती है। समणी ने विश्वविद्यालय के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय को प्रत्येक कुलपति ने अपने तरीके से विशिष्ट योगदान दिया है। विमल विद्या विहार की निदेशक समणी मधुर प्रज्ञा ने कहा कि प्रबल आत्मविश्वास के आगे कुछ भी असंभव नहीं है।

सबके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा ने कहा कि सबके सहयोग से ही विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण कार्य हो पाये हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान के विकास के लिए हर एक व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। सबके समन्वित सहयोग से ही विकास की ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है। कुलसचिव प्रो. अनिलधर ने कहा कि पद पाने के बाद व्यक्ति की जिम्मेदारी और अधिक बढ जाती है। आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. समणी मल्लीप्रज्ञा ने संस्थान के उल्लेखनीय कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मंच पर जैन विश्वभारती के ट्रस्टी भागचन्द बरडिया व मंत्री अरविन्द गोठी भी मौजूद थे।

पुरूषार्थ से सब संभव - प्रो. दूगड

समारोह में नवनियुक्त कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड ने कहा कि संस्थान को विकसित करने में संस्थान के अनुशास्ताओं का विशिष्ट योगदान रहा है। इसके अलावा सभी कुलपतियों ने भी विकास में योगदान दिया है। पुरुषार्थ को सब कार्यों का जनक बताते हुए कहा कि निरन्तर कर्म-पथ पर चलते रहना ही सफलता की सीढी है। उन्होंने कहा कि बड़े पद पर रहकर ही कोई कार्य किया जाये, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सुख-सुविधाओं की चाह रखने वाला व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता।

इस अवसर पर विजयकुमार शर्मा, राकेश कुमार जैन, डॉ जसवीर सिंह, डॉ जुगलकिशोर दाधीच, दीपाराम खोजा, डॉ प्रद्युम्रसिंह शेखावत, प्रो रेखा तिवारी, प्रो दामोदर शास्त्री, प्रो समणी चैतन्यप्रज्ञा, प्रो आरबीएस वर्मा, प्रो बीएल जैन, समणी आगमप्रज्ञा, सुश्री वीणा जैन, डॉ शांता जैन सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारम्भ समणी मृदुप्रज्ञा द्वारा प्रस्तुत मंगल-संगान से हुआ। कार्यक्रम का संयोजन डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल ने किया। कार्यक्रम में समणी चारित्रप्रज्ञा के साढे पांच वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों की पुस्तक ‘अमिट आलेख’ का विमोचन किया गया एवं विडियो सीडी का प्रसारण किया गया। मुमुक्षु बहनों ने परिसंवाद प्रस्तुत किया।

अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा नव-नियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड का स्वागत समारोह आयोजित जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड के स्वागत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के सेमीनार हॉल में समारोह पूर्वक आयोजित हुआ। अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह में विभाग द्वारा कुलपति प्रो बच्छराज दूगड का भव्य अभिनंदन किया गया। ज्ञात रहे प्रो दूगड अहिंसा एवं शांति विभाग में वरिष्ठतम प्रोफेसर के रूप में सेवारत है। इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने कहा कि किसी भी व्यक्ति से बडा संस्थान होता है। संस्थान का विकास कैसे हो यह हमारे सामने होना चाहिए। प्रो दूगड ने विश्वविद्यालय के विकास एवं उत्थान की चर्चा करते हुए कहा कि संस्थान की शुरूआती दिनों से आज तक संस्थान को नजदीक से देख रहा हूं। उन्होनें कर्मचारियों अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबके सहयोग से ही संस्थान का विकास संभव है।

कार्यक्रम में अहिंसा एवं शांति विभाग के अध्यक्ष प्रो अनिलधर ने प्रो दूगड की संस्थान के प्रति रही सेवाओं को उल्लेखनीय बताया। प्रो धर ने इस अवसर पर विभाग की ओर से नव नियुक्त कुलपति प्रो दूगड का अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में प्रो आरबीएस वर्मा ने कहा कि प्रो दूगड उच्च पद पर आसीन होने से संस्थान का ओर अधिक विकास होगा। इस अवसर पर ईशा, लक्ष्मी सिंघी, डॉ विकास शर्मा, डॉ वंदना कुण्डलिया, डॉ विवेक माहेश्वरी, डॉ रविन्द्र सिंह, डॉ जुगल किशोर, डॉ समणी अमलप्रज्ञा, डॉ समणी सत्यप्रज्ञा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारम्भ समणी अमलप्रज्ञा द्वारा प्रस्तुत मंगलसंगान से हुआ। संयोजन डॉ समणी रोहिणी प्रज्ञा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

नव नियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने किया पदभार ग्रहण-नव नियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने 30 अप्रेल को कुलपति पद पर अपना पदभार ग्रहण किया। कुलपति ने निर्वतमान कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा की उपस्थिति में आसन ग्रहण किया। इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने कहा कि हमारे लिए प्रमुख विश्वविद्यालय है इस विश्वविद्यालय का ओर अधिक विकास कैसे हो इस विषय पर चिंतन करना है। प्रो दूगड ने अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण की अनुशासना में संचालित इस विश्वविद्यालय के माध्यम से मूल्यों से प्रेरित शिक्षा को बढावा दिये जाने का आह्वान किया। उन्होनें इस अवसर पर कहा कि सबके सहयोग से ही विकास के शिखर को छूआ जा सकता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं जैन विश्वभारती के सभी शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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