नव-नियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड का स्वागत समारोह आयोजित

विश्वविद्यालय का विकास सर्वोपरी-प्रो दूगड

लाडनूं, 23 अप्रेल। अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड के स्वागत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के सेमीनार हॉल में समारोह पूर्वक किया गया। अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह में विभाग द्वारा कुलपति प्रो बच्छराज दूगड का भव्य अभिनंदन किया गया। ज्ञात रहे प्रो दूगड अहिंसा एवं शांति विभाग में वरिष्ठतम प्रोफेसर के रूप में सेवारत है। इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने कहा कि किसी भी व्यक्ति से बडा संस्थान होता है। संस्थान का विकास कैसे हो यह हमारे सामने होना चाहिए। प्रो दूगड ने विश्वविद्यालय के विकास एवं उत्थान की चर्चा करते हुए कहा कि संस्थान की शुरूआती दिनों से आज तक संस्थान को नजदीक से देख रहा हूं। उन्होनें कर्मचारियों अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबके सहयोग से ही संस्थान का विकास संभव है।

कार्यक्रम में अहिंसा एवं शांति विभाग के अध्यक्ष प्रो अनिलधर ने प्रो दूगड की संस्थान के प्रति रही सेवाओं को उल्लेखनीय बताया। प्रो धर ने इस अवसर पर विभाग की ओर से नव नियुक्त कुलपति प्रो दूगड का अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में प्रो आरबीएस वर्मा ने कहा कि प्रो दूगड उच्च पद पर आसीन होने से संस्थान का ओर अधिक विकास होगा। इस अवसर पर ईशा, लक्ष्मी सिंघी, डॉ विकास शर्मा, डॉ वंदना कुण्डलिया, डॉ विवेक माहेश्वरी, डॉ रविन्द्र सिंह, डॉ जुगल किशोर, डॉ समणी अमलप्रज्ञा, डॉ समणी सत्यप्रज्ञा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारम्भ समणी अमलप्रज्ञा द्वारा प्रस्तुत मंगलसंगान से हुआ। संयोजन डॉ समणी रोहिणी प्रज्ञा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

नव नियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने किया पदभार ग्रहण-नव नियुक्त कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने 30 अप्रेल को कुलपति पद पर अपना पदभार ग्रहण किया। कुलपति ने निर्वतमान कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा की उपस्थिति में आसन ग्रहण किया। इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने कहा कि हमारे लिए प्रमुख विश्वविद्यालय है इस विश्वविद्यालय का ओर अधिक विकास कैसे हो इस विषय पर चिंतन करना है। प्रो दूगड ने अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण की अनुशासना में संचालित इस विश्वविद्यालय के माध्यम से मूल्यों से प्रेरित शिक्षा को बढावा दिये जाने का आह्वान किया। उन्होनें इस अवसर पर कहा कि सबके सहयोग से ही विकास के शिखर को छूआ जा सकता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं जैन विश्वभारती के सभी शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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