आचार्य महाप्रज्ञ महाप्रयाण दिवस का आयोजन

प्रयोगधर्मी आचार्य थे आचार्यश्री महाप्रज्ञ - प्रो. दूगड

लाडनूं 3 मई। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के सेमीनार हाॅल में मंगलवार को विश्वविद्यालय के द्वितीय अनुशास्ता आचार्यश्री महाप्रज्ञ का सातवां महाप्रयाण दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बच्छराज दूगड़ ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ का व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व प्रभावशाली था। उन्होंने आध्यात्मिक-वैज्ञानिक व्यक्तित्व निर्माण के लिए अनेक प्रयोग किये। प्रयोगधर्मी आचार्य के रूप में आचार्यश्री महाप्रज्ञ के मानवता को दिए अवदान सदैव याद किये जायेंगे। प्रो. दूगड़ ने आचार्य महाप्रज्ञ के अवदान - प्रेक्षाध्यान, जीवन विज्ञान व अहिंसा यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि उनके अवदानों सेे मानवता का विकास हो रहा है।

कार्यक्रम में प्रो. दामोदर शास्त्री ने कहा कि महाप्रज्ञ क्रांत चेतना के विद्वान् थे। उनका साहित्य सदैव मानवता का भला करने में सक्षम है। शास्त्रों के प्रकाण्ड विद्वान् आचार्य महाप्रज्ञ के अनेक प्रसंगों को भी प्रो. शास्त्री ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रोफेसर अनिल धर ने आचार्य महाप्रज्ञ को महान आचार्य बताते हुए उनके कार्यों को याद किया। प्रो. रेखा तिवारी ने महाप्रज्ञ के व्यक्तिव को रेखांकित करते हुए उन्हें एक महान् आध्यात्मिक शक्ति बताया। डाॅ. समणी सत्यप्रज्ञा ने महाप्रज्ञ को मूल्यों का संवाहक बताते हुए उनके कार्यों को सम्पूर्ण विश्व के लिए अवदान बताया। डाॅ. समणी रोहिणी प्रज्ञा ने आचार्य महाप्रज्ञ को शक्ति-पुरुष की संज्ञा दी। पारमार्थिक शिक्षण संस्था के संयोजक बजरंग जैन ने महाप्रज्ञ को शताब्दी का युग पुरुष बताया।

इस अवसर पर नेपालचन्द गंग, डाॅ. प्रद्युम्नसिंह शेखावत, डाॅ. योगेश कुमार जैन, डाॅ. जुगलकिशोर दाधीच, श्री जे.पी. सिंह, डाॅ. बी. प्रधान आदि ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुमुक्षु सुनिता चिण्डालिया द्वारा प्रस्तुत मंगल-संगान से हुआ। विद्यार्थी गजेन्द्र कुमार बगड़ी ने महाप्रज्ञ अभिनन्दन कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संयोजन डाॅ. वीरेन्द्र भाटी मंगल ने किया।

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