ग्रीष्मकालिन कक्षाओं का समापन समारोह आयोजित

हुनर के साथ करुणा व दया का विकास भी जरूरी - प्रो. दूगड

लाडनूं, 30 मई। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के कॅरियर काउन्सलिंग सैल के तत्वावधान में आयोजित विविध ग्रीष्मकालिन कक्षाओं के समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन एसडी घोडावत ऑडिटोरियम में समारोह पूर्वक किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस अधिकारी नागरमल कुमावत ने प्रतिभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य के साथ कॅरियर निर्माण करना जरूरी है। कुमावत ने कहा कि विद्यार्थी जैन विश्वभारती संस्थान के ग्रीष्मकालिन कोर्सेस के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में लाभ उठाये। उन्होंने संस्थान द्वारा संचालित विविध कोर्सेस को कॅरियर निर्माण के लिए उपयोगी बताते हुए जीवन निर्माण का माध्यम बताया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ण लगन, मेहनत से किया गया कार्य ही सफलता का जनक बनता है। प्रो. दूगड ने कहा कि हुनर के साथ व्यक्ति में करुणा एवं दया का विकास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार निर्माण इस संस्थान का ध्येय है। विद्यार्थियों में प्रारम्भ से ही संस्कारों का निर्माण उसके भावी विकास का संकेत है। कुलपति ने आगे कहा कि शिक्षा के साथ हुनर का विकास करना भी जीवन को बहुपयोगी बनाना है। इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अनिलधर ने स्वागत वक्तव्य देते हुए ग्रीष्मकालिन कक्षाओं को व्यक्तिव विकास का माध्यम बताया।

कार्यक्रम में सरोज कंवर राठौड, शनि कुमार, विभिमा, जुही पुरोहित, दिव्यता कोठारी, साक्षी कोचर, ऋजु कोचर, शैलजा दाधीच, तृप्ति दायमा, फिरोज खां, नवीन आडवानी, राहत अली, संजय मिश्रा, भावना जांगिड, रेखा, संजय मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण किये गए। कार्यक्रम में अबरार अहमद, कमलेश जगवानी, दीपक माथुर, भूपेन्द्र सिंह, माईकल, डॉ. मधुकर दाधीच, डॉ प्रद्युम्रसिंह शेखावत, डॉ रविन्द्र सिंह राठौड, डॉ विकास शर्मा, भूपेन्द्र सिंह, हिमांशु खिडिया आदि सहित अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. वीरेन्द्र भाटी मंगल ने किया। सैल के समन्वयक डॉ. जुगलकिशोर दाधीच ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए आभार व्यक्त किया।

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