दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय योग कार्यशाला का आयोजन

लाडनूं, 12 जुलाई। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के योग, प्रेक्षाध्यान एवं जीवन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय योग कार्यशाला का शुभारम्भ मंगलवार को विश्वविद्यालय के सेमीनार हॉल में समारोह पूर्वक हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध न्यूरोलोजिस्ट प्रो. प्रताप संचेती ने चिकित्सा सेवा में योग की महत्ता को उजागर करते हुए कहा कि योग से ही शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। प्रो. संचेती ने कहा कि व्यक्ति का मस्तिष्क स्वस्थ रहने से ही शरीर का संतुलन प्रभावी रह सकता है। उन्होंने इस अवसर पर योग के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान में हुए शोध का उल्लेख करते हुए जीवन-निर्माण एवं विकास के लिए योग को जरूरी बताया। ध्यान के द्वारा मस्तिष्क के प्रभाव को भी उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. आरबीएस वर्मा ने योग, जीवन विज्ञान एवं प्रेक्षाध्यान विभाग द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

विशिष्ट अतिथि अमेरिका के प्रो. चैपल ने कहा कि योग आज अंतररास्ट्रीय जरूरत बन गया है। उन्होंने जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय द्वारा योग क्षेत्र में किये जा रहे शोध को उपयोगी बताया। इस अवसर पर प्रो. आनन्दप्रकाश त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे। स्वागत भाषण विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. युवराजसिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रद्युम्रसिंह शेखावत ने एवं आभार ज्ञापन डॉ विवेक माहेश्वरी ने किया। इस दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला में विश्व के अनेक देशों के प्रतिनिधि सहभागी रहे।

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