जैन विश्वभारती संस्थान में चार वर्षीय बी.ए.-बी.एड. एवं बी.एस-सी.-बी.एड. कोर्स का शुभारम्भ

लाडनूं, 10 नवम्बर 2016। शिक्षा विभाग, जैन विश्वभारती संस्थान के अन्तर्गत चार वर्षीय बी.ए.-बी.एड., बी.एस-सी.-बी.एड. कोर्स का शुभारम्भ हुआ, जिसका उद्घाटन घोड़ावत ऑडिटोरियम में कुलपति प्रो. बी. आर. दूगड़ की अध्यक्षता में किया गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. दूगड़ ने नवागन्तुक विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी खुली सोच विकसित करने का प्रयास करें। अपने रास्ते का स्वयं चुनाव करते हुए उस पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढं़े। ज्ञानार्जन के साथ-साथ खेल-कूद में भी बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाएँ। इस अवसर पर कार्यक्रम को सान्निध्य प्रदान कर रही समणी डॉ. ऋजुप्रज्ञा ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में सही दिशा व सही चिन्तन के बिना विकास संभव नहीं है और सही दिशा शिक्षा से ही मिलती है। शिक्षा कामधेनु गाय के समान है, जो हमारी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रमुख ध्येय ज्ञान प्राप्ति होना चाहिए न कि केवल डिग्री प्राप्ति।

कुलसचिव विनोद कुमार कक्कड़ ने विद्यार्थियों को संस्थान का परिचय देते हुए संस्थान के नियम-कायदों से अवगत करवाया। शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने विद्यार्थियों को अतिथियों का परिचय प्रदान करते हुए चार वर्षीय पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में बताया। कार्यक्रम में उपस्थित नवागन्तुक विद्यार्थियों में से सुरक्षा जैन, रागिनी शर्मा तथा अल्का चौधरी ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में समस्त शिक्षा संकाय सदस्य, अन्य विभागों के आचार्यगण तथा शिक्षा विभाग के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने तथा मंच संचालन डॉ. आभा सिंह ने किया।

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