जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से अध्यापन प्रारम्भ

जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय बना आधुनिक तकनीक में प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय

लाडनूँ, 02 जनवरी, 2017। आधुनिक तकनीक जहाँ जीवन के विविध पहलुओं को सुविधाजनक बना रहा है, वहीं अब शिक्षा का क्षेत्र भी नई तकनीक से अछूता नहीं रहेगा। पढ़ाई की बोरियत को समाप्त करने और उसे आसान व सुविधाजनक बनाने के लिए विज्ञान लगातार कई तकनीकें इजाद कर रहा है। स्मार्ट क्लास की परिकल्पना इसी की तरफ एक कदम है। यहाँ जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीक एवं पद्धतियों को अपनाने में अग्रणी शिक्षण संस्थान है। गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में स्मार्ट कलासेज की सुविधा सिर्फ पिलानी के बिट्स में है, अब जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय प्रदेश का दूसरा ऐसा संस्थान होगा, जिसमें इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के अहिंसा एवं शाति विभाग, प्राकृत भाषा विभाग, योग एवं जीवन-विज्ञान विभाग, जैन विद्या, शिक्षा विभाग एवं आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय की कक्षाओं में स्मार्ट क्लासेज की सुविधाएँ शुरू की जा चुकी हैं। इन विभागों की अधिकांश कक्षाओं में स्मार्ट स्क्रीन बोर्ड, प्रोजेक्टर, कम्प्यूटर, आॅडियो सिस्टम, माईक, डिजीटल पेन, डिजीटल टीचिंग डिवाइस, रिमोट सिस्टम आदि स्थापित किये जा चुके हैं तथा इनके माध्यम से शिक्षा दी जानी शुरू की जा चुकी है। इन विभागों के टीचिंग स्टाफ को विशेषज्ञों द्वारा संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है। विश्वविद्यालय में आयोजित इस एक-दिवसीय प्रशिक्षण-शिविर में 41 प्राध्यापकों ने भाग लिया। हालांकि इस स्मार्ट क्लासेज की तकनीक में किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है तथा तकनीक का मामूली जानकार भी इन डिवाईसेज के माध्यम से टीचिंग करवाने में कोई परेशानी का अनुभव नहीं करेगा। विश्वविद्यालय के 850 विद्यार्थी इस आधुनिक तकनीक से लाभान्वित हो रहे हैं। माननीय कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने बताया कि वे विश्वविद्यालय को देशभर में अद्वितीय बनाने की दिशा में निरन्तर अग्रणीय हैं। स्मार्ट क्लासेज के प्रयोग से कोई भी विद्यार्थी अपने लेक्चर से वंचित नहीं रह पायेगा। अगर वह कभी अनुपस्थित भी रहा तो अगले दिन वह पिछला लेक्चर वापस सुन पायेगा। इस डिवाईस में सारी अध्ययन सामग्री सुरक्षित रहेगी। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रूचि बनी रहेगी तथा वे इसका अधिकाधिक लाभ उठा पायेंगे।

क्या होता है स्मार्ट क्लासेज में

स्मार्ट क्लास में एक स्मार्ट स्क्रीन बोर्ड होता है, कम्प्यूटर, प्रोजेक्टर, ओडियो सिस्टम व माईक होता है। इसमें डिजिटल टीचिंग डिवाईस नाम का एक उपकरण भी होता है। यह डिवाईस आई-3 प्रोसेसर से संयुक्त होता है। इसमें रिमोर्ट सिस्टम भी लगा होता है और इस रिमोट कंट्रोल से स्क्रीन पर काम किया जा सकता है। माऊस डिवाइस व की-बोर्ड भी इस रिमोर्ट कंट्रोल में शामिल होता है। स्मार्ट क्लास में वाई-फाई स्पीकर लगा होता है, साथ ही सेण्ट्रल कंट्रोलर सिंगल टच, सीपीयू व प्रोजेक्टर का आॅन और आॅफ सिस्टम भी एक साथ होता है। इसके अलावा इसमें डिजिटल विजुएलाइजर भी होता है। यह लाईटिंग स्टैण्ड की तरह होता है। इसके माध्यम से किसी भी पेपर या पुस्तक या किसी भी तरह के आॅब्जेक्ट को स्क्रीन बोर्ड पर दिखाया जा सकता है। एक क्लास में लगी हुई स्क्रीन 15 फुट होती है।

स्मार्ट क्लासेज के फायदे

स्मार्ट क्लासेज इफेक्टिव व इंटरेक्टिव लर्निंग के लिये काम करेता है। इसमें दिये गये लेक्चर को सुरक्षित रखने की सुविधा होती है, जिससे किसी दिन अनुपस्थित रहा विद्यार्थी भी अगले दिन या कभी भी उन्हें सुन समझ सकता है। स्मार्ट क्लासेज की सुविधा से समय की भी काफी बचत हो सकती है। इसमें अध्यापक स्क्रीन से दूर खड़ा रहकर भी बाॅर्ड पर रिमोर्ट के प्रयोग से स्टडी करवा सकता है। पीपीटी और अन्य सुविधाओं का संचालन इस पर किया जा सकता है। इण्टरनेट से भी सीधे लेक्चर का प्रसारण किया जा सकता है। इसमें मोबाईल, लेपटोप आदि किसी भी डिवाईस को अटेच करके शिक्षणकार्य किया जा सकता है। इसमें आठ युएसबी अटेचमेंट हैं। अगर कोई शिक्षक तकनीक के बारे में कम जानकार होगा तो भी स्मार्टक्लास की डिवाईस का आसानी से प्रयोग करके अध्यापन कार्य करवा सकता है। इसमें डिजिटल-पेन का प्रयोग भी किया जा सकता है तथा बोर्ड पर लिखी हुई सारी बातें सुरक्षित रखी जा सकती हैं। इसके अलावा इस स्क्रीन के साथ एक नोर्मल बोर्ड भी लगा होगा, जिस पर अध्यापक चाॅक से भी लिखकर पठन-कार्य करवा सकता है।

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