जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय में मनाया गया संकल्प दिवस

नये भारत के निर्माण के संकल्प की सिद्धि के लिये मन व कर्म से जुट जायें - प्रो. दूगड़

लाडनूँ, 9 अगस्त, 2017। भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को यहां जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय में संकल्प दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने अपने संबोधन में बताया कि 9 अगस्त 1942 को लिये गये आजादी के संकल्प से ही स्वतंत्रता की नींव पड़ी थी और 15 अगस्त 1947 को देश की स्वतंत्रता के रूप में उसकी सिद्धि मिली थी। उन्होंने आजादी की लड़ाई के सेनानियों एवं उनके द्वारा दिये गये नारों को याद करते हुये कहा कि हमें उन सेनानियांे के बलिदान पर गर्व करना चाहिये। प्रो. दूगड़ ने नये भारत के निर्माण के संकल्प को सन 2022 तक सिद्ध करने के आह्वान के साथ कहा कि मन व शरीर से मजबूत बनकर ही सभी संकल्प की सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं।

सभी ने लिया सामुहिक संकल्प इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों, व्याख्याताओं, स्टाफ आदि ने नये भारत के निर्माण का संकल्प लिया। सबने सामुहिक रूप से संकल्प लिया कि वे स्वच्छ, गरीबी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त, सम्प्रदाय मुक्त व जातिवाद मुक्त भारत के निर्माण करने में अपने मन और कर्म से जुट जायेंगे। आचार्य कालु कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनन्दप्रकाश त्रिपाठी ने सबको एक साथ संकल्प ग्रहण करवाया। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन की संक्षिप्त पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुये नये भारत के निर्माण के लिये मन व कर्म से जुट जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार वी.के. कक्कड़, सहायक रजिस्ट्रार डाॅ. प्रद्युम्न सिंह शेखावत, आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. अनिल धर मंचस्थ थे।

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