जैन विश्वभारती संस्थान के प्रबंध मंडल, योजना व निगरानी समिति एवं वित्त समिति की बैठक आयोजित

लाडनूं में अगले सत्र से शुरू होगा नैचुरोपैथी व योगा का मेडिकल काॅलेज

प्रबंध मंडल की बैठक में अनेक प्रस्ताव पारित

लाडनूँ, 16 फरवरी 2018। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के प्रबंध मंडल, योजना व निगरानी समिति एवं वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। प्रबंध मंडल ने विश्वविद्यालय में बैचलर आॅफ नैचुरोपैथी एण्ड योगा साईन्स का नया पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने के लिये मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल खोले जाने पर सहमति प्रदान की तथा इसके लिये नया भवन तैयार करवाने की समस्त जिम्मेदारी प्रबन्ध मण्डल के सदस्यों ने ली। बैठक में मातृ संस्था जैन विश्वभारती के अध्यक्ष रमेश चन्द्र बोहरा, विनोद बैद एवं ट्रस्टी भागचंद बरड़िया की राय के अनुसार सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस कार्य के लिए धनराशि एकत्र करने एवं निर्माण कार्य शुरू करके उसे गतिशील बनाकर इसी वर्ष 2018 में ही हाॅस्पिटल एवं मेडिकल काॅलेज को प्रारम्भ कर दिया जाये। इसके लिये 20 हजार वर्गफुट जमीन निर्धारित की गई। कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने बताया कि नैचुरोपैथी एवं योगा मेडिकल काॅलेज का शुभारम्भ विश्वविद्यालय में इसी वर्ष जुलाई के नये सत्र से उपलब्ध भवन एवं संसाधनों द्वारा किये जाने के प्रयत्न किये जा रहे हैं। बैठक में विभिन्न व्यावसायिक एवं कौशल विकास के नवीन पाठ्यक्रमों को शुरू करने का सुझाव भी प्रबंध मंडल द्वारा दिया गया और तय किया गया कि नये पाठ्यक्रम शीघ्र ही प्रारम्भ किये जायेंगे।

नई शोध परियोजनाओं को स्वीकृति

विश्वविद्यालय में संचालित भगवान महावीर अन्तर्राष्ट्रीय शोध-केन्द्र के तहत आमंत्रित शोध-परियोजनाओं में से विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसित शोध-परियोजनाओं की जानकारी बैठक में दी गई। बैठक में 6 में से 3 शोध परियोजनाओं प्रो. एस. पनयप्पन, प्रो. नरेन्द्र भण्डारी, एवं शरदचन्द्र हरिभाई टिकैत की शोध परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कुलपति द्वारा संस्थान में संचालित विभिन्न विभागों एवं महाविद्यालय के 10 सदस्यों को स्टार्ट-अप ग्रांट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शोध के लिये स्वीकृत किये जाने की जानकारी योजना एवं निगरानी समिति को दी गई। समिति के सदस्यों ने शोध-कार्य को प्रोत्साहन प्रदान करने एवं विश्वविद्यालय की वर्तमान गतिविधियों की सराहना की तथा भविष्य में शोध-कोष की राशि बढ़ाये जाने की भी अनुशंसा की। बैठक में विश्वविद्यालय में शुरू किये गये डिजीटल स्टुडियो की सभी सदस्यों ने प्रशंसा की एवं इसके माध्यम से तैयार शैक्षणिक कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर तक साझा किये जाने की आवश्यकता बताई।

शैक्षणिक व प्रशासनिक अंकेक्षण रिपोर्ट स्वीकृत

बैठक में सदस्यों ने कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ को इस बात की बधाई दी कि इस विश्वविद्यालय का नाम देश के 20 श्रेष्ठ व प्रशंसनीय विश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है तथा कुलपति महोदय को हाल ही में गत 4 फरवरी को दिल्ली में आयोजित एक समारेाह में इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ ओरियेंटल हैरिटेज, कोलकाता द्वारा ‘‘डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण एज्युकेशन एक्सीलेंसी अवार्ड’’ प्रदान किया जाने पर बधाई दी। बैठक में कुलसचिव वीके कक्कड़ द्वारा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अंकेक्षण की रिपोर्ट प्रबंध-मंडल के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिस पर सभी ने सहमति प्रदान की। बैठक में सूचना दी गई कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अधिनियम की धारा 12-बी की स्वीकृति हेतु यूजीसी एक्सपर्ट कमेटी जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में विजिट करेगी। इन बैठकों में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ व कुलसचिव वीके कक्कड, जैन विश्वभारती के अध्यक्ष रमेश चन्द्र बोहरा़ के अलावा भागचंद बरड़िया, विनोद बैद कोलकाता, बुधसिंह सेठिया दिल्ली, जीवनमल मालू, प्रो. नलिन कुमार शास्त्री बोधगया, प्रो. आरएस यादव कुरूक्षेत्र, प्रो. आशुतोष प्रधान, मोतीहारी, प्रो. समणी ऋजुप्रज्ञा, प्रो. एपी त्रिपाठी, प्रो. अनिल धर, डाॅ. बी. प्रधान, डाॅ. समणी श्रेयश प्रज्ञा, डाॅ. समणी संगीतप्रज्ञा, डाॅ. पीएस शेखावत, डाॅ. गोविन्द सारस्वत, उपस्थित थे।

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