जैन विश्वभारती संस्थान के आचार्य महाप्रज्ञ-महाश्रमण ऑडिटोरियम में जैन विश्व भारती के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अभिनन्दन आयोजित

मरूस्थल के ग्राम्य अंचल में शिक्षा का व्यापक प्रसार करने में जैविभा अग्रणी- प्रो. दूगड़

लाडनूँ, 23 अक्टूबर 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के आचार्य महाप्रज्ञ-महाश्रमण ऑडिटोरियम में एक समारोह का आयोजन करके जैन विश्व भारती के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अभिनन्दन किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो बच्छराज दूगड ने कहा कि संस्थान की प्रगति मंे हमेशा मातृ संस्था का योगदान रहा है, जिसके कारण शिक्षा जगत में संस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। उन्होंने जैविभा विश्वविद्यालय के अन्तर्गत मेडिकल काॅलेज आफ योग एंड नेचुरोपैथी के कार्य के बारे में जानकारी दी और संस्थान की प्रगति के बारेमें भी बताया तथा कहा कि मरूस्थल के ग्रामीण अंचल में इस विश्वविद्यालय ने शिक्षा का व्यापक प्रसार किया है। इस विश्वविद्यालय का विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू होना, विदेशी विद्यार्थियों का यहां अध्ययन के लिये आना, सबसे समृद्ध केन्द्रीय पुस्तकालय होना और विशाल हस्तलिखित ग्रंथों का संग्रह होना विश्वविद्यालय की अपने आप में प्रमुख विशेषतायें हैं। उन्होंने नव-निर्वाचित अध्यक्ष के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जैन विश्व भारती और अधिक गतिशील होगी। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान के अनुशास्ता के आगमन से पूर्व जैन विश्व भारती में विशिष्ट कार्य संपादित होंगे। समारोह में जैन विश्व भारती के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज लूणियां ने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा एवं समाज को समर्पित विशिष्ट संस्थान है। संस्थान के माध्यम से नये सोपान छुए जा रहे है, यह हम सबके लिए प्रसन्नता की बात है। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों की प्रंशसा की। इससे पूर्व शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो बीएल जैन, योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डाॅ. प्रद्युम्न सिंह शेखावत आदि ने अपने विचार रखे। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जैन विश्वभारती के ट्रस्टी जोधराज बैद, अध्यक्ष मनोज लूणिया व सहमंत्री जीवणमल मालू का संस्थान की ओर से कुलपति प्रो बच्छराज दूगड़, डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान, कुलसचिव रमेशचन्द्र मेहता ने प्रतीक चिन्ह प्रदान करके सम्मान किया। कार्यक्रम का संयोजन डाॅ. युवराज सिंह खंगारोत व आभार ज्ञापन कुलसचिव रमेशचन्द्र मेहता ने किया। इस अवसर पर कोविद-19 से सम्बन्धित दिशा-निर्देशन की पालना की गई।

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