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नियमित के मुकाबले सक्षम सिद्ध हुई है दूरस्थ शिक्षा

नियमित के मुकाबले सक्षम सिद्ध हुई है दूरस्थ शिक्षा - प्रो. त्रिपाठी

लाडनूँ, 24 मई 2019। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने कहा है कि आज की अर्थप्रधान एवं व्यस्ततम जिंदगी में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिये दूरस्थ शिक्षा का महत्व बहुत अधिक बढ गया है। घर बैठे, अपने व्यवसाय या नौकरी करते हुये शिक्षा को सतत बनाये रखने में दूरस्थ शिक्षा की भूमिका महती है। आज तो यह नियमित अध्ययन का मुकाबला करने में सक्षम हो चुकी है। घर बैठे अध्ययन की यह सुविधा देश में उच्च शिक्षा में कीर्तिमान कायम कर रही है। नौकरीपेशा लोगों के लिये तो यह बहुत ही लाभदायक सिद्ध हो रही है। वे यहां दूरस्थ शिक्षा निदेशालय की दूरस्थ शिक्षा में प्रवेश सम्बंधी व्यवस्थाओं को लेकर आहूत बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन विश्वभारती संस्थान मे दूरस्थ शिक्षा में प्रवेश प्रारम्भ हो चुका है। यहां बी.ए., बी.काॅम. और एम.काॅम. के लिये आवेदन भरे जा रहे हैं। इनमें पोस्ट ग्रेजुयेट कोर्स में जैनालोजी, योग एवं जीवन विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी तथा राजनीति विज्ञान विषयों में प्रवेश की सुविधा है। इस बैठक में सेक्शन इंचार्ज पंकज भटनागर, समन्वयक जेपी सिंह, मयंक जैन, ओमप्रकाश सारण, करण गुर्जर, कृष्णा, सुरेश पारीक, मदनसिंह, अंजुला जैन आदि उपस्थित थे।

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