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दूरस्थ शिक्षा मूक्स व ओडीएल पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

प्रगति के लिए आत्मनिर्भरता के साथ जागरूकता जरूरी- प्रो. तिवाड़ी

लाडनूँ, 16 फरवरी 2021। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के तत्वावधान में मूक्स शिक्षा पद्धति पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के निर्देशन में आयोजित इस वेबिनार में मुख्य वक्ता अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. शम्भुनाथ तिवाड़ी ने कहा कि जीवन में प्रगति के लिए आत्मनिर्भरता एवं जागरूकता का समन्वय होने पर संभव होती है। उन्होंने दूरस्थ शिक्षा में अकेडमिक व व्यावयायिक शिक्षा के बारे में जानकारी देते हुए क्वालिटी एजुकेशन दिए जाने पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने पाठ्यसामग्री, वीडियो, आॅनलाईन चर्चा, एसाइनमेंट, नोट्स आदि के बारे में बताते हुए उनमें नयापन और स्तर होने की बात कही। उन्होंने मूक में 9 संस्थाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाने और टेक्नीकल, प्रोफेशनल, सोशल और अन्य ट्रेड के हिसाब से संस्थाओं के सम्पर्क के बारे में बताया।

युवा शक्ति को संसाधन में बदलना जरूरी

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रो. प्रभातकुमार मिश्रा ने कहा कि भारत में युवा आबादी की बहुतायत है और उसे संसाधन में बदलने की आवश्यकता है। युवावर्ग के लिए मूक्स शिक्षा पद्धति लाभदायक सिद्ध हो सकती है। कोरोना काल में जब स्कूल और काॅलेज बंद थे, तब मूक्स के माध्यम से घर बैठे शिक्षा दी जानी संभव हो पाई थी। इस अवधि में ई-लर्निंग और मूक्स की क्षमता व सीमाएं पता चली। सरकार ने भी इसमें 3-4 बड़ी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की है। वेबिनार के प्रारम्भ में जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने वेबिनार की विषयवस्तु के बारे में बताया तथा ओडीएल (ओपन डिस्टेंस लर्निंग) व मूक्स के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें शिक्षा मुक्त है, कोई बंधन नहीं है। उन्होंने घरेलु महिलाओं, विकलांगों आदि के लिए ओडीएस और उच्च शिक्षा के लिए मूक्स को लाभदायक बताया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रतिभा कोठारी ने मंगलाचरण किया एवं डाॅ. प्रेमलता चैरड़िया ने जैन विश्वभारती संस्थान का परचिय दिया तथा विश्वविद्यालय के अनुशास्ताओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन प्रगति चैरड़िया ने किया। वेबिनार में आयुषी शर्मा, अभिषेक शर्मा, अंजुला जैन, चारू मित्तल, डाॅ. वीरबाला छाबड़ा, गायत्री चैधरी, हीना अरोड़ा, ज्योति पूनिया, कमल कुमार मोदी, करा भडाना, मंदिरा घोष, मनोहरलाल, जगदीश यायावर, निशा राठौड़, ओमप्रकाश सारण, पंकज भटनागर, प्रभात कुमार, प्रियंका सिखवाल, सरोज सेवदा, सुष्मिता स्वामी, सीता कंवर, उज्ज्वल बिस्वास, उत्तम मंडल, दीपक कक्कड़, अभिषेक चारण, भागीरथ खरड़िया, डाॅ. जेसी रेड्डी, डाॅ. विनोद कुमार सैनी, निशा कक्कड़, प्रवीण दूगड़, रवीना बालिया, सोमवीर सांगवान आदि मौजूद रहे।

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