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स्वच्छता की सेवा विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में छात्राओं ने बनाए एक से बढ कर एक पोस्टर

स्वच्छता की सेवा विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में छात्राओं ने बनाए एक से बढ कर एक पोस्टर

पोस्टर प्रतियोगिता में खुशी जोधा प्रथम रही

लाडनूँ, 28 सितम्बर 2022। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत पोस्टर निर्माण प्रतियेागिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को ‘स्वच्छता ही सेवा’ विषय पर पोस्टर बनाने थे। प्रतियोगिता में छात्राओं ने स्वच्छता से जुडे़ संदेशों व मनोभावों को चित्रकला के माध्यम से कागज पर उकेरा। प्रतियोगिता में 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें प्रथम स्थान पर खुशी जोधा रही। द्वितीय स्थान पर दीपिका कटारा और तृतीय स्थान पर पल्लू रही।

कल्पना और कला के माध्यम से बनाए पोस्टर

प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रथम रही छात्रा खुशी जोधा नेे पोस्टर के माध्यम से प्राकृतिक सौंदर्य को बरकरार रखने के लिए स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दर्शाया कि मनुष्य प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा है, इसलिए प्रकृति को स्वच्छ रखना हमारा कर्तव्य है। द्वितीय रही छात्रा दीपिका कटारा ने ‘जहां रहती है सफाई, वहां होती है अच्छे मन से पढ़ाई’ का संदेश देते हुए अपने पोस्टर में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वच्छता को आवश्यक बताया। तृतीय रही छात्रा पल्लू ने ‘स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य की चाबी हैं’ विषय पर पोस्टर बना कर अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता की आवश्यकता को दर्शाया।

स्वच्छता के लिए जन-जागरण जरूरी

इससे पूर्व प्रतियोगिता के शुभारंभ पर विभागाध्यक्ष प्रो. बनवारीलाल जैन ने कहा कि समस्त देशवासियों का अपने देश को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में अपना विशेष सहयोग देने का कर्तव्य है। विभिन्न स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरण कर स्वच्छता के लिए देश समाज को प्रेरित किया जाना, इसके लिए आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को प्रतियोगिता सहित सभी स्वच्छता कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने उनके मौलिक अधिकार, नागरिकता कौशल, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन और अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. विष्णु कुमार ने स्वच्छता को अपने आचरण में इस तरह उतार कर उसे अपनी आदत बनाने की जरूरत बताई और छात्राओं को सिर्फ बाहरी स्वच्छता के साथ मन की स्वच्छता को अपनाने की सलाह दी।

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