लाडनूँ, 1 अक्टूबर 2026। जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अहिंसा एवं शान्ति विभाग के सह आचार्य एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रविन्द्रसिंह राठौड़ ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि गांधीजी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे। क्योंकि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अपने व्यक्तित्व से उपर उठकर समूचे विश्व को शान्ति एवं अहिंसा की राह दिखाने वाला एक ऐसा विचार बने, जिसे विश्व के लगभग 167 देशों में पढ़ा एवं पढ़ाया जाता रहा है। इस अवसर पर अणुव्रत सेवा समिति लाडनूं सदस्यों ने भी पहुंचकर कार्यक्रम में शिरकत की, साथ ही इस राष्ट्रीय पर्व को मनाते हुए उन्होंने शान्ति एवं अहिंसा का संदेश देने वाले अणुव्रत गीत का छात्राओं के साथ सामूहिक संगान कर महात्मा गांधी व उनके द्वारा प्रदत्त शिक्षाओं एवं आदर्शों को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर आचार्यश्री तुलसी को भी इस पावन पर्व पर याद करना समीचीन होगा, क्योंकि महात्मा गांधी के सपनों के स्वतंत्र भारत को अणुव्रत आन्दोलन के माध्यम से उन्हीं जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने का काम स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात आचार्यश्री तुलसी ने किया। इस अवसर पर एनएसएस इकाई प्रथम प्रभारी अभिषेक चारण ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए छात्राओं को गांधीजी के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी तथा उपस्थित सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर दोनों इकाइयों के स्वयंसेवक, शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



