शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों ने खेले खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

छात्राओं ने शिक्षकों को पौधे प्रदान कर किया सम्मान और दिया पर्यावरण का संदेश

लाडनूँ, 5 सितम्बर 2019। शिक्षक दिवस के अवसर पर यहां छात्राओं ने अपने-अपने शिक्षकों से पर्यावरण संरक्षण का आग्रह करते हुये उन्हें विभिन्न वृक्षों के पौधें भेंट किये। सुरभि एवं समूह ने इन पौधों की व्यवस्था की तथा साथ में मैसेज दिया कि प्रदूषण का हिस्सा नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनें। सुरभि ने अमेजन के जंगलों में लगी आग को पर्यावरण का खतरा बताया तथा कहा कि अगर हम पेड़ नहीं लगायेंगे तो इस धरती के समस्त जन-जीवन पर खंतरा मंडरा रहा है। यह पौध वितरण का कार्यक्रम यहां जैन विश्वभारती संस्थान मान्य विश्वविद्यालय के महाप्रज्ञ-महाश्रमण ऑडिटोरियम में आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय की छात्राओं की ओर से आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि अहिंसा एवं शांति विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल धर ने अपने सम्बोधन में कहा कि वर्तमान में शिक्ष का कार्य सूचनायें देना भर रह गया है और जो शिक्षक जितनी ज्यादा सूचनायें दे पाता है, वह उतना ही अच्छा शिक्षक कहलाता है। उन्होंने गुरूग्रंथ साहब का उदाहरण देते हुये कहा कि गुरूवाणी में बताया गया है काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि को शिष्य में कम कर देने और उसे बंधन कुम्त करने वाला ही गुरू होता है। शिक्षक के लिये आवश्यक है कि वह शिक्षा के साथ चरित्र, गुणवता, राष्ट्रभक्ति, मानवता से जोड़ कर अपने विद्यार्थियों को तैयार करे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान ने कहा कि शिक्षक हमेशा विद्यार्थी के विकास के लिये प्रयास करता है। उन्होंने बालक के पहले गुरू के रूप में माता-पिता को बताते हुये कहा कि बच्चों के लिये जो अपेक्षायें होती हैं, उन्हें पूरा किया जाना आवश्यक है।

शिक्षकों को खेल खिलाये और दिये पुरस्कार

कार्यक्रम में पूजा चैधरी व अन्य छात्राओं ने अपने सभी शिक्षकों को विभिन्न उपमाओं से सुशोभित करते हुये सचित्र पीपीटी का प्रदर्शन भी किया। इसके अलावा अध्यापकों के कार्य-व्यवहार पर रचित कविता प्रस्तुत करके खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में अध्यापकों के लिये छात्राओं ने खेलों का आयोजन भी किया, जिसमें परस्पर गुब्बारा फोड़ने की प्रतियोगिता में कमल कुमार मोदी विजेता रहे। इसी तरह से बुक रेम्प गेम में सभी शिक्षकों के सिर पर किताबें रखी जाकर उन्हें चलाने, बैठाने, नचाने की प्रतियोगिता की गई, जिसमें स्वाति शर्मा विजेता रही। विजेता शिक्षक-शिक्षिकाओं को छात्राओं ने पुरस्कार प्रदान किये। कार्यक्रम में मोनिका एवं सुमित्रा ने समूह नृत्य किया। मनीषा चैहान के ‘‘रंगीलो म्हारो ढोलना रै’’ राजस्थानी गीत पर नृत्य को खूब दाद मिली। हेमलता सैनी का नृत्य भी बेहद सराहनीय रहा। सुरभि, महिमा, प्रतिष्ठा, दक्षता, दिव्यता, निष्ठा व निकिता के सामुहिक मैट्रो नृत्य को भी जम कर सराहा गया। मानसी, काजल, शोभा वर्मा, कल्पिता, साक्षी आदि के एकल नृत्यों ने भी कार्यक्रम में धूम मचाई। विजयलक्ष्मी, रूबिना, सपना स्वामी ने गीत व कवितायें प्रस्तुत की। पूजा प्रजापत एवं समूह ने नाटिका प्रस्तुत की। प्रारम्भ में काजल व सोनम ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डाॅ. प्रगति भटनागर, कमल कुमार मोदी, अभिषेक चारण, अभिषेक शर्मा, बलवीर सिंह चारण, सोमवीर सांगवान, मांगीलाल, अजयपाल सिंह, शेर सिंह, स्वाति शर्मा, श्वेता खटेड़, सुनिता, घासीलाल शर्मा आदि उपस्थित थे। प्रतिष्ठा कोठारी ने अपनी साथियों के साथ कार्यक्रम का संचालन किया।

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