जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में जन्म शताब्दी पर महाप्रज्ञ की पुस्तक सुखी समृद्ध परिवार की समीक्षा प्रस्तत

पारिवारिक परिवेश में सहज संतुलन आवश्यक

लाडनूँ, 25 नवम्बर 2019। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के काॅन्फ्रेंस हाॅल में आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष समारोह के अन्तर्गत आयोजित पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम में महाप्रज्ञ की पुस्तक दी ‘‘हैपी एंड हार्मोनियस फैमिली’’ पर व्याख्याता सोमवीर सांगवन ने पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि महाप्रज्ञ रचित हिन्दी पुस्तक ‘‘सुखी-समृद्ध परिवार’’ से अनुदित है। यह अनुवाद साध्वी विश्रुतविभा द्वारा किया गया। इस पुस्तक में बताया गया है कि सकारात्मक सोच, उत्तम आचरण, नैतिक मूल्य, सामाजिक सद्भाव, दया एवं क्षमा का भाव, धैर्य एवं सहानुभूति आदि तत्वों के द्वारा पारिवारिक परिवेश में सहजता से सन्तुलन स्थापित किया जा सकता है। सांगवान ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पुस्तक की सार्थकता को सिद्ध करते हुए पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये प्राचार्य प्रो. आनन्दप्रकाश त्रिपाठी ने पुस्तक एवं सांगवान द्वारा की गई समीक्षा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकों का सतत् अध्ययन समाज की वास्तविक दशा व दिशा को निर्धारित कर सकता है। उन्होंने सभी व्याख्याताओं को ऐसी पुस्तकों का समय-समय पर अध्ययन करने हेतु प्रेरणा दी। अंत में श्वेता खटेड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डाॅ. प्रगति भटनागर, डाॅ. बलबीर सिंह चारण, अभिषेक चारण, शेरसिंह राठौड़, अभिषेक शर्मा, अजयपाल सिंह भाटी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल सुथार ने किया।

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