लाडनूँ, 27 अगस्त 2026। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा ऑनलाइन 'Alternative Lifestyle' विषय पर आयोजित त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम चरण का 26 अगस्त को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 24 से 26 अगस्त तक आयोजित इस कार्यशाला में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महासभा के प्रकल्प ‘बेटी तेरापंथ की’ के प्रकल्प में पंजीकृत बेटियों ने सहभागिता की। कार्यशाला के प्रथम दिन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. लिपि जैन ने आधुनिक जीवनशैली एवं वैकल्पिक जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के व्यावहारिक एवं कारगर सुझाव दिए। द्वितीय दिवस आचार्य महाप्रज्ञ नेचुरोपैथी एवं योग की सहायक आचार्य डॉ. नीलम राठौड़ ने प्राकृतिक चिकित्सा, आहार एवं खान-पान के संदर्भ में वैकल्पिक जीवनशैली की उपयोगिता एवं महत्त्व पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए आहार संबंधी जागरूकता एवं जीवनशैली में आवश्यक बदलावों पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किय। तथा जीवन विज्ञान, योग और प्रेक्षाध्यान की नंदिनी कासलीवाल ने योगिक क्रियाओं, श्वास क्रियाओं एवं सरल स्वास्थ्यवर्धक प्रयोगों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रथम चरण में सहभागिता करने वाली सभी 30 बेटियों को जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) की ओर से सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।कार्यशाला के संपूर्ण संयोजन में अहिंसा एवं शांति विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना कुण्डलिया बरडिया ने कार्यशाला की संयोजन और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विभाग के डॉ. रविंद्र सिंह राठौड़,डॉ लिपि जैन एवं डॉ. बलबीर सिंह चारण का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा। विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवतियों को स्वस्थ, संतुलित, जागरूक एवं मूल्यपरक वैकल्पिक जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना रहा।



