लाडनूँ, 27 अगस्त 2026। जैन विश्वभारती संस्थान की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में प्रवेश पाने वाले नवीन एनएसएस विद्यार्थियों के लिए संचालित त्रि दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तृतीय दिन 27 अगस्त को समापन समारोह में आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अहिंसा एवं शान्ति विभाग के सह आचार्य डॉ. रविन्द्रसिंह राठौड़ ने ‘विद्यार्थी जीवन में नैतिकता का महत्व’ विषय पर अपने सम्बोधन में कहा कि विद्या विनम्रता देती है और विनम्रता से ही व्यक्ति में योग्यता आती है। इसीलिए शिक्षा के अंतर्गत हमारा उद्देश्य केवल डिग्रियां और अंक हासिल करना नहीं होना चाहिए, अपितु एक अच्छे चरित्र का निर्माण करना हमारा दायित्व होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और समय-पालन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि नैतिकता विद्यार्थी को समय की कीमत समझाती है। इसलिए, हमें नियमित दिनचर्या व पढ़ाई के प्रति ईमानदारी को ही अनुशासन के साथ सफलता की पहली सीढ़ी समझना चाहिए। उन्होंने डिजिटल युग में नैतिकता की महत्ती आवश्यकता को महसूस करते हुए कहा कि आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया का सही, सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग करना भी विद्यार्थी जीवन की एक प्रमुख नैतिक जिम्मेदारी है, जिसका निर्वहन कर वह भविष्य में देश का आदर्श नागरिक के रूप में अपनी भागीदारी निभा सकता है।कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम प्रभारी अभिषेक चारण में किया। एनएसएस की इकाई द्वितीय प्रभारी डॉ. अमिता जैन ने आभार व्यक्त किया।



