लाडनूँ, 27 अगस्त 2026। जैन विश्वभारती संस्थान में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में प्रवेश पाने वाले नवीन एनएसएस विद्यार्थियों के लिए आयोजित त्रि दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम दिन 25 अगस्त को शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने “राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में युवाओ की भूमिका” विषय पर सम्बोधित करते हुए कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और राष्ट्रीय विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं, ये अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मकता से राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं। शिक्षा और कौशल के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सामाजिक कुरीतियों, भ्रष्टाचार और अंधविश्वास के विरुद्ध जागरूकता फैलाना युवाओं का दायित्व है। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और ये राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत कर सकते हैं। सेवा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाकर युवा राष्ट्र के आदर्श निर्माण में सहयोग कर सकते हैं। एनएसएस की इकाई द्वितीय की प्रभारी डॉ. अमिता जैन ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व एवं इस राष्ट्रीय मिशन से संदर्भित सामाजिक सरोकारों से छात्राओं को अवगत कराया। इकाई प्रथम के प्रभारी अभिषेक चारण ने राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयं सेविकाओं को एनएसएस का प्रारंभिक परिचय प्रदान करते हुए कार्यक्रम का संयोजन किया।



