लाडनूँ, 12 अगस्त 2026। जैन विश्वभारती संस्थान में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाइयों एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “टी.बी.मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत 12 अगस्त को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग प्रो. बी. एल. जैन ने कहा कि टी.बी. अर्थात् क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसका पता समय पर लगाकर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार पूरा उपचार किया जा सकता है। इसलिए टी.बी. के प्रति जागरूकता फैलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें लोगों को यह समझाना होगा कि टी.बी. रोगी से भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। रोगी को परिवार और समाज से सहयोग, पौष्टिक भोजन तथा उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहन मिलना चाहिए। विशेष रूप से युवा वर्ग, विद्यार्थी, एन.एस.एस. स्वयंसेवक और सामाजिक संस्थाएँ जन-जागरूकता अभियान, रैली, पोस्टर, नाटक, संगोष्ठी और घर-घर संपर्क के माध्यम से टी.बी. के प्रति जागरूकता बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम में डाॅ. अमिता जैन एवं संस्थान के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।



