राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन प्रोग्राम पर किया छात्राध्यापिकाओं को जागरूक

लाडनूँ, 29 मार्च 2025। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में छात्राओं को जानकारी प्रदान की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने बताया कि ट्यूबरकुलोसिस एक बड़ी विकट समस्या है, जो हमारे देश में फैली हुई है। उन्होंने बताया कि ट्यूबरकुलोसिस माइको बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण फैलता है और इसके लक्षण खांसी, खून आना, बुखार, कमजोरी, वजन कम होना और सीने में दर्द होते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में ट्यूबरकुलोसिस की समस्या जनसंख्या का बहुत सारा प्रतिशत प्रभावित हुआ है, लेकिन 2015 से 2025 तक लगभग 17 प्रतिशत कम हो चुका है। इस राष्ट्रीय रणनीति योजना का उद्देश्य भारत को ट्यूबरकुलोसिस मुक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा एनटीईपी कार्यक्रम सौ दिवसीय विशेष अभियान के तहत शुरू किया गया है, जिससे सभी विद्यार्थियों और लोगों को ट्यूबरकुलोसिस की समस्या और उसके निदानों के बारे में अवगत करवाया जा सके। उन्होंने बताया कि विभिन्न चिकित्सालयों और शिक्षा संस्थानों में इसकी जो उपाय और रोकथाम है, उसके तरीके मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ट्यूबरकुलोसिस से रोगी है, तो सामने वाले व्यक्ति को भी मास्क पहनने चाहिए, हाथ धोना चाहिए, स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए और ट्यूबरकुलोसिस के मरीजों से दूर रहना चाहिए। इस कार्यशाला में विभाग के सभी सहायक आचार्य व छात्राएं मौजूद रहे।

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