रोजगार परामर्श केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ व्याख्यान का आयोजन

अध्ययन सामग्री से महत्वपर्ण बिन्दुओं को खोजकर अध्ययन करना होता है आवश्यक- श्योराण

लाडनूँ, 29 अप्रेल 2022। ‘यश गुरू’ एप्प के संस्थापक एवं ‘राजस्थान जीके का चिराग’ पुस्तक के लेखक संजयपाल सिंह श्योराण ने कहा है कि परीक्षार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु परीक्षा का पाठ्यक्रम, पुराने प्रश्न-पत्र, आधारभूत आधिकारिक पुस्तकों का अध्ययन, अध्ययन सामग्री में से महत्वपूर्ण बिंदुओं को खोजना होता है। साथ ही रिवीजन करते समय तैयारी का टेस्ट सीरीज के माध्यम से मूल्यांकन करना, विगत परीक्षाओं में हुई गलतियों को सुधार कर परीक्षा-कक्ष में बेहतरीन प्रदर्शन करना भी एक बेहतर परीक्षार्थी के लिए बेहद जरूरी है। वे यहां जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय स्थित रोजगार परामर्श केंद्र में वहां पर नियमित उपस्थित होकर अपने स्नातक डिग्री के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राओं को उनकी तैयारियों के सम्बंध में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए आयोजित विशेष व्याख्यान में सम्बोंधित कर रहे थे। व्याख्यान की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. आनंदप्रकाश त्रिपाठी ने की। रोजगार परामर्श केंद्र के प्रभारी अभिषेक चारण ने बताया कि चूरू जिले के सुजानगढ ये आए संजयपाल सिंह श्योराण एक सुलझे हुए विचारक, लेखक व मार्गदर्शक हैं। उनके दिए गए दिशा-निर्देश छात्राओं के लिए आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि श्योराण का व्याख्यान प्रतियोगी परीक्षाओं में रुचि रखने वाली छात्राओं के हित में रहेगा। यह आयोजन विद्यार्थी जीवन के लिए काफी महत्वपर्ण है। उन्होंने महर्षि पतंजलि द्वारा विद्यार्थी जीवन के संदर्भ में बताई गई तीन महत्वपूर्ण बातों दीर्घ समय साधना, निरंतरता एवं पूर्ण आस्था को व्याख्यायित किया। अंत में डॉ. बलबीर सिंह ने आभार ज्ञापित किया।

Read 211 times

Latest from