सतर्कता जागरूकता के अन्तर्गत लोकगीत, लघुनाटिका व निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन

लाडनूँ, 3 नवम्बर 2022। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में आयोजित किये जा रहे ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2022’ के चौथे दिन लोकगीत एवं लघुनाटिका प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इससे पूर्व निबंध प्रतियेागिता का आयोजन भी किया गया। छात्राओं ने अपने कला-कौशल का शानदान प्रदर्शन किया और भ्रष्टाचार उन्मूलन व सतर्कता अपनाने का संदेश दिया। लोकगीत प्रतियोगिता में प्रियंका प्रजापत का समूह, लघु नाटिका में तानिका का समूह और निबंध प्रतियोगिता में कुसुम काला एवं खुशी जोधा प्रथम स्थान पर रही।

लोकगीत व लघुनाटिका कला में दिखाया कौशल

लघुनाटिका के माध्यम से तानिया, सना, खुशी, दिव्या, सपना, आशना, कंचन, ललिता, मंजू, मेघा, सिमरन, नेहा, सोनू एवं इशिका सोनी ने शैक्षिक क्षेत्र में होने वाले भ्रष्टाचार, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर आउट होने से युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव का सजीव चित्रांकन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं निशा जाट ने एकाभिनय कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। लोकगीत प्रतियेागिता में भी छात्राओं ने अपने गायनकला के कौशल का प्रदर्शन किया। प्रियंका प्रजापत एवं राजनंदिनी, उर्मिला, कंचन, दीपिका कटारा, मोनिका बुरडक तथा पूनम, निरंजन, कीर्ति, ज्योति व पूनम स्वामी के समूहों ने लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। इनमे पूनम एवं समूह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रियंका, राजनंदिनी एवं मोनिका बुरडक ने द्वितीय स्थान तथा उर्मिला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

आचरण सुधारें तो सभी समस्याओं का हल संभव

इससे पहले ‘भ्रष्टाचार निवारण में जन साधारण की भूमिका’ विषयक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमंे प्रथम स्थान पर कुसुम काला एवं खुशी जोधा रही। द्वितीय स्थान राज नंदिनी एवं सना ने प्राप्त किया तथा तृतीय स्थान पर उर्मिला जजुन्दा एवं स्मृति रही। कार्यक्रम में निर्णायक डॉ. सरोज राय एवं डॉ. लिपि जैन थी। स्वागत वक्तव्य कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गिरधारी शर्मा द्वारा पस्तुत किया गया। उन्होंने निर्णायकगणों का परिचय भी प्रस्तुत किया। डॉ. सरोज राय ने सभी विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना की तथा भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। डॉ. लिपि जैन ने कहा कि यदि सभी अपने आचरण में ईमानदारी, मानवता एवं श्रमनिष्ठा अपना लें, तो न केवल भ्रष्टाचार बल्कि समस्त समस्याओं का समाधान संभव है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. गिरधारी शर्मा द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।

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