जैन विश्वभारती संस्थान के योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन

जीवन में मूल्यों के धारण से निखरता है व्यक्तित्व- कक्कड़

लाडनूँ, 2 अगस्त 2018। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में तीन दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का शुभारम्भ यहां कुलसचिव वीके कक्कड़ के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डाॅ. प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने की तथा दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी, डाॅ. हेमलता जोशी व डाॅ. विनोद सियाग विशिष्ट अतिथि थे। शिविर का शुभारम्भ करते हुये कुलसचिव वीके कक्कड़ ने कहा कि व्यक्ति के जीवन का समुचित विकास तभी कहा जायेगा, जब उसका व्यक्तित्व संतुलित और निखार वाला हो। व्यक्तित्व में निखार आता है मूल्यों को जीवन में उतारने से। नैतिक मूल्यों के धारण से सम्पूर्ण मानवता पोषित होती है। व्यक्ति का दृष्टिकोण बदल जाता है। दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि जीवन में उच्च चरित्र ही सफलता का मापदंड होता है। इसे ध्यान में रखते हुये इस जैन विश्वभारती संस्थान में चरित्र निर्माण पर पूरा जोर दिया गया है। उन्होंने शिविर के सम्भागियों को संस्थान में संचालित पाठ्यक्रमों, विशेषताओं, व्यवस्थाओं व सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। शिविर के समन्वयक डाॅ. अशोक भास्कर ने प्रेक्षाध्यान, योग व जीवन विज्ञान के बारे में बताया तथा इनके माध्यम से व्यक्तित्व विकास के मार्ग पर प्रकाश डाला। शुभारम्भ के पश्चात के सत्र में सभी सम्भागियों को कायोत्सर्ग का अभ्यास करवाया गया।

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