जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में एनएसएस दिवस मनाया

सेवा से जीवन में ताजगी आती है- प्रो. त्रिपाठी

लाडनूँ, 24 सितम्बर 2018। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में एनएसएस दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि सेवा की भावना होने से ही जीवन की सफलता कही जा सकती है। सेवा हमेशा निःस्वार्थ होती है, जिसमें एक हाथ से सेवा करें तो दूसरे हाथ को आभास तक नहीं हो। सेवा का ढिंढोरा पीटना तो सेवा नहीं बल्कि केवल प्रदर्शन होता है। सेवा संवेदना के बिना संभव नहीं है। संवेदना से किसी के प्रति करूणा भाव जागृत होता है और सेवा के लिये व्यक्ति तत्पर हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन का महत्वपूर्ण गुण गतिशीलता सेवा से आता है। इससे जीवन में झरने की भांति ताजगी और पारदर्शिता रहती है। जिस प्रकार गतिहीनता के कारण ठहरा हुआ पानी सड़ जाता है, वहीं व्यक्ति गति के बिना किसी महत्व का नहीं रहता है। डाॅ. जुगल किशोर दाधीच ने कहा कि छोटे-छोटे संकल्पों के माध्यम से जीवन में सेवा भाव को सहज रूप से विकसित किया जा सकता है। सेवाभाव के जीवन में आने से व्यक्ति सरल, सहज, उदार, करूणामयी और सामाजिक बन जाता है। आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय की एनएसएस इकाई की समन्वयक डाॅ. प्रगति भटनागर ने एनएसएस के स्थापना के समय से लेकर वर्तमान तक की गतिविधियों आदि पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वयं सेविका माधुरी सोनी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य, कार्यक्रमों एवं सेवा कार्यों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। प्रारम्भ में सरिता शर्मा ने एनएसएस गीत प्रस्तुत किया।

एकल गायन प्रतियोगिता का आयोजन

इस अवसर पर एकल गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम स्थान पर अर्चना शर्मा रही। द्वितीय स्थान पर सरिता शर्मा और तृतीय स्थान पर निलोफर व प्रियंका सोनी रही। कार्यक्रम में कमल कुमार मोदी, रत्ना चैधरी, सोमवीर सांगवान, डाॅ. बलवीर सिंह, योगेश टाक, अपूर्वा घोड़ावत आदि उपस्थित थे।

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