जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में एनसीसी दिवस पर परेड, सलामी, प्रमाण पत्र वितरण के साथ समारोह का आयोजन

कर्तव्यनिष्ठा के भाव जीवन को नई दिशा देने में सक्षम- मेहता

लाडनूँ, 25 नवम्बर 2019। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में समस्त एनसीसी कैडेट्स ने समारोह पूर्वक एनसीसी दिवस मनाया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये कुलसचिव रमेश कुमार मेहता ने ध्वजारोहण किया। सभी कैडेट्स ने मार्चपास्ट किया तथा सलामी दी। इस अवसर पर एनसीसी गीत का संगान किया गया। कुलसचिव मेहता ने कार्यक्रम में कहा कि एकता व अनुशासन एनसीसी केडेट के लिये प्राथमिक आवश्यकता होती है। एनसीसी में भाग लेने से छात्रजीवन से ही राष्ट्रके प्रति समर्पण व बलिदान की भावना प्रफुल्लित होती है। कर्तव्यनिष्ठा के भाव व्यक्ति के लिये जीवन भर उपयोगी होते हैं तथा वे जीवन को नई दिशा प्रदान करने में सक्षम होते हैं। उन्होंने छात्रों को एकता और अनुशासन बनाए रखने एवं विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रम में सहभागी बनने का आह्वान भी किया। मेहता ने कहा कि एनसीसी से प्रशिक्षित छात्र समाज व राष्ट्र में परिवर्तन लाने में सक्षम होते हैं। उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय अपने सभी विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक व मानवीय मूल्यों की रक्षा, देश के प्रति समर्पण भावना एवं सद्संस्कारों के निर्माण आदि के लिये विशेष ध्यान देता है। इस अवसर पर एनसीसी प्रभारी एएनओ आयुषी शर्मा ने नेशनल केडेट्स कोर के बारे में विस्तार से बताया।

वितरित किये प्रमाण पत्र

कार्यक्रम में एनसीसी की छात्राओं ने स्वच्छ भारत के पोस्टरों का प्रदर्शन किया। इसके अलावा सीएसीटी शिविर में भाग लेने व श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली एनसीसी केडेट्स को प्रमाण पत्रों का वितरण भी विश्वविद्यालय के कुलसचिव रमेश कुमार मेहता द्वारा किया गया। आरटीडीसी शिविर का प्रमाण पत्र अनुराधा को प्रदान किया गया। इन शिविरों में अनुशासन एवं नृत्य प्रतियेागिताओं में गोल्ड मैडल हासिल करने वाली छात्राओं मोनिका व मनीषा बुगालिया को रजिस्ट्रार ने स्वर्ण पदक पहनाये। इस अवसर पर राजू हीरावत, दीपक शर्मा, बलवन्त सैन, महेन्द्र सिंह, छात्रायें आकांक्षा, अनुराधा, मोनालिका, आरती, निरमा, मनीषा, गीता, अमृता, सुमित्रा, वर्षा, पूजा, भावना, अनिता, मंजू, ललिता, कविता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एनसीसी के मुख्य प्रभारी एवं खेल कोच अजयपालसिंह ने किया।

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