जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में आबसर में विद्यार्थियों को योगाभ्यास करवाये व लाभ बताये

जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिये योग सहायक- डाॅ. शेखावत

लाडनूँ, 2 दिसम्बर 2019। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में योग के प्रचार-प्रसार के लिये चलाई जा रही योजना के तहत विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को दी गई योगाभ्यास सम्बंधी कार्यक्रमों की परियोजना में सुजानगढ तहसील के आबसर ग्राम के सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय में एक योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में योग विशेषज्ञ डाॅ. प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने शरीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के साथ आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिये योग को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि चाहे व्यक्तित्व विकास की बात हो या कॅरियर बनाने की, परीक्षा में श्रेष्ठ नम्बर प्राप्त करने की बात हो या जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने की जरूरत हो, सबमें योग बहुत सहायक सिद्ध होता है। कार्यक्रम में वैद्य छोटाराम जाखड़ ने भी योग को देश की प्राचीनतम विधा बताया तथा कहा कि आज भी किये जा रहे वैज्ञानिक परीक्षणों में योग खरा उतर रहा है। यह जीवन परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है। योग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों सरिता पूनिया, सौरभ सोनी, बेबी कंवर नरूका, ज्योति व करूणा ने विद्यालय के उपस्थित 400 विद्यार्थियों को इस अवसर पर विभिन्न यौगिक क्रियायें बताई और उन्हें योगासन व प्राणायाम का प्रयोगिक अथ्यास करवाते हुये उनके लाभा बताये। प्राचार्य ईश्वर सुथार ने अंत में आज्ञार ज्ञापित करते हुये कार्यक्रम को लाभदायक बताया तथा कहा कि विभिन्न विद्यालयों में योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने के साथ ही ऐसे कार्यक्रमों का संचालन समय-समय पर होना आवश्यक है।

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