जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में ‘‘महिला सशक्तिकरण में संविधान की अहम भूमिका’’ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन

संविधान महिलाओं के सशक्तिकरण के अधिकार प्रदत्त करता है- प्रो. जैन

लाडनूँ, 22 जनवरी 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के शिक्षा विभाग में ‘‘महिला सशक्तिकरण में संविधान की अहम भूमिका’’ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. बीएल जैन ने अपने सम्बोधन में बताया कि हमारे संविधान में लैंगिक भेदभाव को समाप्त करते हुये नारी जागरण एवं सशक्तिकरण के प्रयास को प्रारम्भ किया गया। संविधान द्वारा एक तरफमहिला व पुरूष को एक समान अधिकार प्राप्त हुये, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को कुछ विशेषाधिकार भी प्रदान किये गये। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 15(3), 16, 21, 39(क), 51(अ), 32 व 226, 42, 44, 325 आदि का हवाला देते हुये उनमें महिलाओं के वर्णिय अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को संविधान में कानूनी रूप से समानता और संरक्षण, महिलाओं व बच्चों के लिये विशेष कानून बनाने की शक्ति, राज्य, धर्म, वंश, लिंग आदि का भेदभाव किसी भी स्तरपर नहीं किये जाने एवं समानता बरते जाने के अधिकार आदि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम में बीएड, बीए-बीएड, बीएससी-बीएड की 160 छात्राओं ने भाग लिया।

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