जैन विश्वभारती संस्थान के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय में मासिक व्याख्यानमाला में समुद्र विज्ञान पर व्याख्यान

गर्म व ठंडी धारायें समुद्री जीवों और मछलियों के लिये लाभदायक

लाडनूँ, 29 फरवरी 2020। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के काॅनफ्रेन्स हाॅल में शुक्रवार को महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. आनन्दप्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में व्याख्याता मांगीलाल सुथार द्वारा समुद्र विज्ञान विषय पर व्याख्यान दिया गया। सुथार ने अपने व्याख्यान में समुद्र में मग्नतटों के निर्माण की प्रक्रिया को बताते हुए गर्म व ठण्डी धाराओं की मौजूदगी को मछलियों एवं समुद्री जीवों हेतु सर्वाधिक उपयोगी बताया, वहीं वाष्पीकरण की अधिकता होने पर लवणता की अधिकता की सम्भावना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने समुद्र विज्ञान में चेलेन्जर अभियान के बारे में बताया, जो 1872-76 के मध्य संचालित हुआ तथा जिसका मुख्य उद्देश्य समुद्री खाईयों तथा समुद्री निक्षपों के बारे में पता लगाना था। व्याख्यान के अन्त में प्राचार्य प्रो. त्रिपाठी ने व्याख्यान अभिव्यक्ति में आंकड़ों की महत्ता को स्वीकार किया तथा एक नये विषय क्षेत्र से परिचय करवाने के लिये महाविद्यालय के लिए इस व्याख्यान को सार्थक बताया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डाॅ. प्रगति भटनागर, कमल कुमार मोदी, डाॅ. बलबीर सिंह चारण, अभिषेक चारण, अभिषेक शर्मा, श्वेता खट़ेड आदि उपस्थित रहे। शेरसिंह राठौड़ द्वारा अंत में आभार ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सोमवीर सांगवान द्वारा किया गया।

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