जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग में प्रसार भाषण माला के अंतर्गत ‘गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण’ विषय पर व्याख्यान

गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण से सरल बन सकती है शिक्षा- डॉ. मंगल

लाडनूँ, 08 जनवरी 2022। जैन विश्वभारती संस्थान (मान्य विवविद्यालय) के शिक्षा विभाग में प्रसार भाषण माला के अंतर्गत श्री अग्रसेन स्नातकोत्तर महाविद्यालय केशव विद्यापीठ जामडोली जयपुर के डॉ. सतीश मंगल ने ‘गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षक को अपने आचरण और व्यवहार से समाज, समुदाय, परिवार तथा अपने विद्यार्थियों को प्रेरित करने का कार्य करना चाहिए तथा उनमें विश्वास जाग्रत करना चाहिए। उन्होंने जीवन के विविध पक्षों को प्रभावित करने के बारे में जानकारी दी तथा शिक्षक को जीवन के विविध पक्षों से शिक्षा देने के बारे में बताया। उन्होंने गणित के व्यावहारिक स्वरूप एवं मनोविज्ञान के विभिन्न सिद्धान्तों का रोचक उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक को अपने कक्षा शिक्षण को क्रिया आधारित शिक्षण से तथा व्यावहारिक जीवन के अनुभव से जोड़कर शिक्षण को सरल, सहज, रोचक बनाना चाहिए। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में गतिविधि आधारित मनोवैज्ञानिक शिक्षण के माध्यम से शिक्षण को सरल बनाया जा सकता है। नूतन चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया को आधुनिक व्यवस्थाओं के अंतर्गत किया जाना चाहिए तथा शिक्षण प्रभावशाली बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाना चाहिए। प्रारम्भ में शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बनवारी लाल जैन ने परिचय दिया तथा अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा ऑनलाइन शिक्षण कभी भी ऑफलाइन शिक्षण का स्थान नहीं ले सकता। इसलिए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में क्रिया आधारित शिक्षण को कक्षा शिक्षण में प्रयोग करने की आवश्यकता है। अंत में डॉ. सरोज राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य डॉ. अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह आदि उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम में ऑनलाइन 94 तथा ऑफलाइन 50 विद्यार्थी उपस्थित थे।

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